ब्रम्हांड के पांचवे बल की परिकल्पना और गुरुत्वाकर्षण की अबूझ पहेली

जब से गुरुत्वाकर्षण की खोज हुआ है, तभी से यह पूर्ण रुप से समझा नहीं जा सका है| १७वी शताब्दी में जब सर न्यूटन ने गुरुत्वीय बल की खोज की तो उन्होंने ने गुरुत्वाकर्षण को एक बल के रूप में प्रश्तुत किया, उनके अनुशार दो पिंडों के बीच लगने वाला

भारत की वे महान खोजें जिनका इतिहास मे कोई स्थान नही

प्राचीन भारत के महान ऋषि अपने जीवन का सम्पूर्ण काल जंगलों मे सत्य को जानने और खोजने मे व्यतीत कर देते थें| वे ऋषि एकांत मे घने वनों के मध्य स्थित अपने कुटियों मे कुछ शिष्यों के साथ प्रकृति और ब्रम्हांड के उन रहस्यों को समझने की कोशिश करते रहते