जिसका दिल टूट जाता है, उसे भूख क्यों कम लगती है ?- नयी खोज

ज़िन्दगी जीना बहुत ही कठिन हो जाता है अगर आप का दिल टूट जाये और अगर प्यार पहला – पहला हो तो दर्द और भी ज्यादा होता है | लेकिन किसी के प्यार के टूटने या बिछड़ने पर और भी बहुत सी चिझे इंशान के शरीर और दीमाग में होता है, जिससे हम लोग पूरी तरह से अनजान रहते हैं | टूटे दिल में आँखों से निकले आंशूं सिर्फ हमारे दिल का शिकन बयां नहीं करते बल्कि हमारे शरीर में हुए व्यापक परिवर्तन का एक पहलू होता है |

यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ग्रोनिंगन के प्रोफेसर गर्ट तेर होर्स्ट, जो न्यूरोबायोलाजी के ज्ञाता है के अनुशार यदि किसी का दिल टूट जाता है तो शरीर में स्ट्रैस का लेवल बहुत जयादा बढ़ जाता है और शरीर इसको कम करने के लिए बहुत ही ज्यादा मात्रा में एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन्स रीलीज़ करता है| शरीर में जब कोर्टिसोल और बाकि हार्मोन्स की मात्रा बढ़ जाता है तो हमारे लिए भोजन की ज्यादा मात्रा लेना कठिन हो जाता है | चाह कर भी हमें भूख नहीं लगेगी और अगर हम खाना भी चाहे तो भोजन गले के निचे नहीं उतरेगा|

प्यार का टूटना एक भावुक प्रक्रिया है और हमारे बाकि भावनाओ की तरह यह भी हमारे दिमाग से जुड़ा हुआ है| यह हमारा मष्तिक ही है जो हमें प्रेरित करता है स्वादिस्ट खाना खाने के लीये|

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