अपने सूरज का हो सकता नेमसिस नाम का एक जुड़वा भाई

वैज्ञानिकों ने एक नया सिद्धांत प्रतिपादित किया है जिसके अनुसार इस ब्रम्हांड के सभी तारे कम से कम एक जुड़वे तारे के साथ ही पैदा हुयें हैं | शोधकर्ताओं के अनुसार हमारा सूर्य भी एक बहुत ही खतरनाक तारे जिसका नाम नेमसिस रखा गया है के साथ ही पैदा हुआ था |

हमारे सौर मंडल के बाहरी वातावरण में जहाँ ढेर सारे तारों के अवशेष पदार्थ हैं वहीँ इसके अंदर एस्टेरॉइड्स, मेटोरॉइड्स और प्लनेटॉइड्स जैसे ढेर सारे छुद्र ग्रह और टुकड़े मौजूद हैं |

कुछ साल पहले वैज्ञानिकों ने यह कल्पना किया की सायद कुछ बड़े छुद्र ग्रहों के एक साथ पृथ्वी पर गिरने या टकराने से ही हजारों लाखों साल पहले धरती के वातावरण का तापमान इतना ज्यादा बढ़ गया की डायनासोर्स जैसे बड़े जीव उसे सहन नहीं कर सके और उनका इस पृथ्वी से समूल विनाश हो गया | लेकिन वे इस काल्पनिक सिद्धांत में यह सिद्ध नहीं कर सकें की कैसे और क्यों इतनी ज्यादा मात्रा में छुद्र ग्रह पृथ्वी पर एक साथ एक समय पर ही आयें | लेकिन शोधकर्ताओं द्वारा प्रतिपादित तारों के निर्माण पे आधारित एक नया सिद्धांत इस अबूझ पहेली को समझने में हमारी मदद कर सकता है | इस नए सिद्धांत के अनुसार एक तारे का निर्माण एक समय पर एक नहीं होता है अपितु एक समय में एक से अधिक तारों का निर्माण एक साथ होता है | दरअसल हार्वर्ड-स्मिथसोनियन एस्ट्रोफिसिकाल ऑब्जर्वेटरी और UC बर्कले नाम के विश्वविद्यालयों के दो प्रोफेसर उत्तरी आसमान में स्थित पर्सियस कॉन्स्टेलशन के स्टार डस्ट का अध्ययन लम्बे समय से कर रहे थें, उनके अनुसार जब वे वहां पे निर्मित हुए नए तारों का विश्लेषण करने लगें तो उन्हें चौकाने वाले तथ्य मिले | उन्होंने कहा की वहां पर मौजूद पदार्थ से जो भी तारों का निर्माण हुआ होगा वे निश्चय ही एक-एक नहीं बल्कि कई-कई तारों के समूह में पैदा हुए होंगें |

इससे उन्होंने अंदाज़ा लगाया की हो हो न हो ब्रम्हांड के लगभग सभी तारे यक़ीनन समूहों में पैदा हुए होंगे | उनमे से कई आज भी दो या तीन तारों के समूह में देखे जा सकते हैं | हमारा सूर्य भी सायद एक और जुड़वे तारे के साथ जनमा होगा जो कभी हमारे सौर्य मंडल के पास से गुजरा होगा जिससे सौर्य मंडल के अंदर मौजूद छुद्र ग्रह और उल्कापिंडों के पथ प्रभावित हुए होंगे और वे धरती से टकरा गए होंगें जिससे प्रलयकारी तापमान उत्पन्न हुआ होगा जो डायनासोर्स जैसे बड़े जीवों के विनाश का करना बना होगा |

Share This:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *